हर दिन फ़ज्र पर पूरी उम्मत के लिए एक सवाल। अपनी आवाज़ रिकॉर्ड करें। हज़ारों सुनें। सबसे अच्छी दलील को वोट दें। आधी रात को सब रीसेट।
क्या संगीत हराम है या हम सब नाटक कर रहे हैं?
🎙 0 आवाज़ें · 📍 20 शहर
चार पल। हर दिन। आधी रात को गायब।
पूरी उम्मत के लिए एक सवाल। हिम्मती, प्रासंगिक, असली।
15-45 सेकंड का वॉइस जवाब रिकॉर्ड करें।
गुमनाम आमने-सामने वोटिंग।
विजेता का ताज। पट्टी साफ़। नया दिन, नया सवाल।
अंतहीन स्क्रॉलिंग नहीं। असली विषयों पर असली आवाज़ें।
टेक्स्ट की दीवारें नहीं। आपकी आवाज़ भावनाएं लाती है।
अंधे वोट। फ़ॉलोअर्स का पूर्वाग्रह नहीं।
आपका शहर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करता है।
शक्तिशाली जवाबों पर फ़ायर दें।
हर दिन बोलें। मुबतदी से ग़ज़ाली तक चढ़ें।
आपके संगठन या दोस्तों के लिए निजी मैदान।
आपकी आवाज़ आपके शहर की नुमाइंदगी करती है।
जितना ज़्यादा बोलेंगे, उतना ऊपर जाएंगे।
शुरुआती
तालिबे इल्म
फ़क़ीह
आलिम
उस्ताद
सिर्फ़ पढ़ें नहीं। हिस्सा बनें।
बोलना शुरू करें